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शिक्षा 12 सितंबर 2026 2 मिनट का पठन 1 दिन पहले

छत्तीसगढ़ में प्राचार्यों को रोज 2 पीरियड पढ़ाना होगा, स्कूल शिक्षा विभाग का सख्त आदेश

अपडेट किया गया: 10 घंटे पहले

CG School Education News: छत्तीसगढ़ में प्राचार्यों को रोज 2 पीरियड पढ़ाना होगा, शिक्षा विभाग का सख्त आदेश

छत्तीसगढ़ में प्राचार्यों को रोज 2 पीरियड पढ़ाना होगा, स्कूल शिक्षा विभाग का सख्त आदेश

CG Teacher News: छत्तीसगढ़ के सरकारी हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में अब प्राचार्यों की भूमिका सिर्फ प्रशासनिक कामकाज तक सीमित नहीं रहेगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्राचार्यों के लिए प्रतिदिन कम से कम दो कालखंड पढ़ाना अनिवार्य कर दिया है। आदेश के तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राचार्यों की दिनचर्या में बड़ा बदलाव

शिक्षा विभाग के इस निर्देश के बाद सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों को अब नियमित रूप से कक्षा में जाकर विद्यार्थियों को पढ़ाना होगा। विभाग का उद्देश्य स्कूलों में पठन-पाठन की व्यवस्था मजबूत करने, अनुशासन बढ़ाने और संस्था प्रमुखों की जवाबदेही तय करने से जुड़ा है। आदेश के अनुसार हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्य अपने प्रशासनिक और वित्तीय दायित्वों का निर्वहन करते हुए अध्यापन व्यवस्था में भी सीधे भाग लेंगे।

रोजाना दो पीरियड पढ़ाना होगा अनिवार्य

नए निर्देश के मुताबिक प्राचार्यों को हर दिन न्यूनतम दो पीरियड विद्यार्थियों को पढ़ाने होंगे। इससे स्कूलों में प्राचार्य की मौजूदगी केवल कार्यालयीन कार्यों तक सीमित न रहकर सीधे कक्षाओं और विद्यार्थियों से भी जुड़ने की उम्मीद है। विभाग ने इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

बड़े क्लासरूम को ऑफिस बनाने पर भी रोक

शिक्षा विभाग ने स्कूलों में प्राचार्य और स्टाफ के लिए निर्धारित कमरों के इस्तेमाल को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं। निर्देश में कहा गया है कि नक्शे के अनुसार प्राचार्य या स्टाफ के लिए जो कमरा निर्धारित है, उसी का उपयोग किया जाए। विद्यार्थियों के लिए बनाए गए बड़े कक्षों को कार्यालय या केबिन के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

ऑनलाइन उपस्थिति और युक्तियुक्तकरण के बाद एक और बड़ा कदम

शिक्षा विभाग की ओर से हाल के दिनों में स्कूलों की व्यवस्था में सुधार के लिए कई कदम उठाए गए हैं। ऑनलाइन उपस्थिति, अटैचमेंट व्यवस्था में बदलाव और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के बाद अब प्राचार्यों की शैक्षणिक जिम्मेदारी पर भी जोर दिया गया है। विभाग का प्रयास है कि संस्था प्रमुख स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियों से सीधे जुड़े रहें और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर नजर बनाए रखें।

आदेश लागू कराना अधिकारियों के लिए बड़ी जिम्मेदारी

इस आदेश को जमीन पर लागू कराना जिला शिक्षा अधिकारियों और संभागीय संयुक्त संचालकों के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। संबंधित अधिकारियों को प्राचार्यों की कक्षा में उपस्थिति और दो पीरियड पढ़ाने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस फैसले का सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के स्तर, अनुशासन और परीक्षा परिणामों पर कितना असर पड़ता है।

स्रोत: स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित आदेश पर आधारित रिपोर्ट।

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बस्तर संवाददाता

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