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पर्यटन 25 मई 2026 2 मिनट का पठन 25 मई 2026

कोंडागांव जिले के रियासत कालीन मेंढर तालाब परिसर को पर्यटन स्थल

अपडेट किया गया: 25 मई 2026

कोंडागांव जिले के रियासत कालीन मेंढर तालाब परिसर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। अमरावती वन परिक्षेत्र में स्थित यह तालाब, जो कभी राजाओं और अंग्रेजों का शिकारगाह हुआ करता था

 कोंडागांव जिले के रियासत कालीन मेंढर तालाब परिसर को पर्यटन स्थल

kondagaov eco Tourism :- छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में स्थित रियासतकालीन मेंढर तालाब अब पर्यटन और पिकनिक स्पॉट के रूप में नई पहचान बनाने जा रहा है। प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों और प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी इस स्थान को खास बनाती है। प्रशासन द्वारा इसे विकसित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

बस्तर की वादियों में बसा कोंडागांव जिला अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए जाना जाता है। अब इसी कड़ी में रियासतकालीन मेंढर तालाब को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।


जगदलपुर से लगभग 40 किलोमीटर दूर अमरावती वन परिक्षेत्र में स्थित यह तालाब लंबे समय से स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। चारों ओर फैली हरियाली, शांत वातावरण और जलाशय का मनमोहक दृश्य पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है।

विशेष बात यह है कि सर्दियों के मौसम में यहां बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं, जिससे यह स्थान बर्ड वॉचिंग के लिए भी प्रसिद्ध हो रहा है। सुबह और शाम के समय तालाब के किनारे पक्षियों की चहचहाहट और प्राकृतिक नजारे लोगों को सुकून का एहसास कराते हैं।

प्रशासन की योजना है कि इस क्षेत्र को बेहतर पर्यटन सुविधाओं से जोड़ा जाए, ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें और क्षेत्र की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बन सके। पिकनिक स्पॉट, बैठने की व्यवस्था, पर्यटक सुविधाएं और प्रकृति आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने पर काम किया जा रहा है।

मेंढर तालाब केवल एक जलाशय नहीं, बल्कि बस्तर की प्राकृतिक विरासत का ऐसा हिस्सा है, जहां प्रकृति, इतिहास और शांति एक साथ महसूस की जा सकती है। आने वाले समय में यह स्थान बस्तर के प्रमुख इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में उभर सकता है।




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बस्तर संवाददाता

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