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कृषि जगत 18 जुलाई 2026 2 मिनट का पठन 18 जुलाई 2026

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2026: 31 जुलाई तक कराएं पंजीयन, प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित होगी फसल

अपडेट किया गया: 18 जुलाई 2026

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2026: 31 जुलाई तक कराएं पंजीयन, प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित होगी फसल

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: 31 जुलाई तक कराएं पंजीयन, प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित होगी खरीफ फसल

कोण्डागांव। खरीफ मौसम 2026 में किसानों की फसलों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करने के लिए भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत अधिसूचना जारी कर दी गई है। जिला प्रशासन ने किसानों से 31 जुलाई 2026 तक योजना में पंजीयन कराने की अपील की है, ताकि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की स्थिति में उन्हें आर्थिक सहायता मिल सके।

उप संचालक कृषि कार्यालय के अनुसार योजना का लाभ जिले के ऋणी, अऋणी, भू-धारक और बटाईदार किसान सभी उठा सकते हैं। योजना के तहत धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, तुअर (अरहर), उड़द, मूंग, कोदो, कुटकी और रागी जैसी प्रमुख खरीफ फसलों को शामिल किया गया है।

केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम में मिलेगा बीमा

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को बीमित राशि का केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा, जबकि शेष राशि का भुगतान केंद्र और राज्य सरकार संयुक्त रूप से करेंगी।

प्रति हेक्टेयर किसान द्वारा देय प्रीमियम राशि:

  • धान (सिंचित) – ₹1,210
  • धान (असिंचित) – ₹968
  • मक्का – ₹1,056
  • सोयाबीन – ₹704
  • मूंगफली – ₹968
  • तुअर (अरहर) – ₹660
  • उड़द – ₹484
  • मूंग – ₹484
  • कोदो – ₹396
  • कुटकी – ₹418
  • रागी – ₹330

इन प्राकृतिक आपदाओं पर मिलेगा बीमा लाभ

योजना के तहत किसानों को कम वर्षा, सूखा, बुवाई एवं अंकुरण विफलता, ओलावृष्टि, जलभराव, बादल फटना, आकाशीय बिजली तथा अन्य स्थानीय प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति पर बीमा सुरक्षा मिलेगी।

इसके अलावा कटाई के बाद दो सप्ताह तक चक्रवात, चक्रवाती वर्षा और बेमौसमी बारिश से होने वाली फसल क्षति भी बीमा के दायरे में शामिल रहेगी।

फसल नुकसान होने पर 72 घंटे के भीतर दें सूचना

यदि प्राकृतिक आपदा से फसल को नुकसान होता है, तो किसान 72 घंटे के भीतर भारतीय कृषि बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 1800-419-0344 पर सूचना दे सकते हैं।

ओलावृष्टि और बेमौसमी वर्षा से हुई क्षति की शिकायत 14447 हेल्पलाइन पर भी दर्ज कराई जा सकती है। किसान संबंधित कृषि अधिकारी, राजस्व अधिकारी, बैंक या जिला कृषि कार्यालय में भी लिखित आवेदन देकर दावा प्रस्तुत कर सकते हैं।

पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज

योजना में पंजीयन के लिए किसानों को निम्न दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे:

  • आधार कार्ड
  • बी-1 एवं पी-2 भूमि दस्तावेज
  • बैंक पासबुक की प्रति
  • फसल बुवाई प्रमाण पत्र अथवा स्वघोषणा पत्र
  • मोबाइल नंबर
  • बटाईदार किसानों के लिए आवश्यक घोषणा पत्र

किसान राष्ट्रीयकृत बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, जिला सहकारी बैंक, प्राथमिक कृषि सहकारी समिति, लोक सेवा केंद्र (CSC) और अन्य अधिकृत माध्यमों से 31 जुलाई 2026 तक पंजीयन करा सकते हैं।

जिला प्रशासन ने किसानों से समय रहते योजना का लाभ लेने की अपील करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्राकृतिक आपदाओं के दौरान किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का एक प्रभावी माध्यम है।

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बस्तर संवाददाता

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